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||[[चित्र:Prime-Minister's -Rights.jpg|प्रधानमंत्री|100px|right]]भारतीय संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री का पद बहुत ही महत्त्वपूर्ण पद है, क्योंकि प्रधानमंत्री ही संघ कार्यपालिका का प्रमुख होता है। चूंकि भारत में ब्रिटेन के समान संसदीय शासन व्यवस्था कों अंगीकार किया गया है, इसलिए प्रधानमंत्री पद का महत्त्व और अधिक हो गया है। अनुच्छेद 74 के अनुसार प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रधान होता है। वह राष्ट्रपति के कृत्यों का संचालन करता है।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[प्रधानमंत्री]] | |||
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-[[इंदिरा गांधी]] | -[[इंदिरा गांधी]] | ||
-[[मोरारजी देसाई]] | -[[मोरारजी देसाई]] | ||
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||[[चित्र:Gulzarilal-Nanda.jpg|गुलज़ारीलाल नन्दा|100px|right]]'''गुलज़ारीलाल नन्दा''' (जन्म- [[4 जुलाई]], [[1898]], सियालकोट, [[पश्चिमी पंजाब|पंजाब]], [[पाकिस्तान]]; मृत्यु- [[15 जनवरी]], [[1998]]) [[भारत]] के तेरह प्रधानमंत्रियों के अतिरिक्त कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अब तक के एकमात्र ऐसे व्यक्ति रहे, जिन्होंने इस ज़िम्मेदारी को दो बार निभाया। यह प्रासंगिक ही था कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में गुलज़ारी लाल नंदा के व्यक्तित्व और कर्तव्य को भी यहाँ पर प्रस्तुत किया जाता। दरअसल भारत की संवैधानिक परम्परा में यह प्रावधान है कि यदि किसी प्रधानमंत्री की उसके कार्यकाल के दौरान मृत्यु हो जाए और नया प्रधानमंत्री चुना जाना तत्काल सम्भव न हो तो कार्यवाहक अथवा अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति तब तक के लिए की जा सकती है, जब तक की नया प्रधानमंत्री विधिक रूप से नियुक्त नहीं कर दिया जाता। संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री के पद को रिक्त नहीं रखा जा सकता।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[गुलज़ारीलाल नन्दा]] | |||
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09:06, 27 मई 2011 का अवतरण
राजनीति
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