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	<title>सागरमाला परियोजना - अवतरण इतिहास</title>
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		<title>रिंकू बघेल: ''''सागरमाला परियोजना''' केंद्र सरकार द्वारा प्रारम...' के साथ नया पृष्ठ बनाया</title>
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		<updated>2017-08-23T12:11:20Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;सागरमाला परियोजना&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;a href=&quot;/india/%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0_%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0&quot; class=&quot;mw-redirect&quot; title=&quot;केंद्र सरकार&quot;&gt;केंद्र सरकार&lt;/a&gt; द्वारा प्रारम...&amp;#039; के साथ नया पृष्ठ बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;'''सागरमाला परियोजना''' [[केंद्र सरकार]] द्वारा प्रारम्भ की गई परियोजना है, जिसके तहत देश के चारों ओर सीमाओं पर सड़क परियोजनाओं में 7500 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र को जोड़ने के लिए नेटवर्क विकसित किया जाना है। इस परियोजना का मकसद बंदरगाहों पर जहाजों पर लदने और उतरने वाले माल का रेल और राष्ट्रीय राजमार्गों के जरिए उनके गंतव्य तक सागरमाला से पहुंचाना है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय की इस परियोजना की अनुमानित लागत 70 हज़ार करोड़ रुपये निर्धारित की गयी है।&amp;lt;ref name=&amp;quot;e&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=http://gshindi.com/category/trade-transport-gs-paper-3-hindu-analysis/sagarmala-scheme-one-crore-people-will-get-employment |title= सागरमाला परियोजना : एक करोड़ लोगों को मिलेगा रोज़गार |accessmonthday= 23 अगस्त|accessyear= 2017|last= |first= |authorlink= |format= |publisher=gshindi.com|language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
==परियोजना के उद्देश्य==&lt;br /&gt;
*देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ के तहत सागरमाला परियोजना की शुरूआत की गई थी, इसके तहत देश के चारों ओर सीमाओं पर सड़क परियोजनाओं में 7500 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र को जोड़ने के लिए नेटवर्क विकसित किया जाना है। &lt;br /&gt;
* बंदरगाहों को जोड़ने की योजना के तहत रेल मंत्रालय 20 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से 21 बंदरगाह-रेल संपर्क परियोजनाओं पर काम शुरू करेगा। &lt;br /&gt;
*इस परियोजना का मकसद बंदरगाहों पर जहाजों पर लदने और उतरने वाले माल का रेल और राष्ट्रीय राजमार्गों के जरिए उनके गंतव्य तक सागरमाला से पहुंचाना है।&lt;br /&gt;
*इस परियोजना में बंदरगाहों के विकास और नए ट्रांसशिपिंग पोर्ट का निर्माण भी शामिल है, ताकि बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाई जा सके। जाहिर सी बात है कि इससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।&amp;lt;ref name=&amp;quot;e&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==अमेरिका की सहभागिता==&lt;br /&gt;
[[भारत]] की सागरमाला परियोजना के तहत समुद्री तटों के विकास के लिए भारत के साथ [[अमेरिका]] भी मिलकर कार्य कर रहा है। अमेरिका को नए बंदरगाहों को बनाने और उनके विकास के लिए पूंजी निवेश को भी आमंत्रित किया। इस दौरान काम कर रहे बंदरगाहों पर नए टर्मिनल बनाने, तटीय इलाकों में आर्थिक क्षेत्र बनाने, जहाज बनाने, उनकी मरम्मत करने और जहाजों के विकास पर भी बात हुई। बंदरगाहों और सुविधाओं के विकास से भारत और अमेरिका के बीच की समुद्री यात्रा को घटाकर पांच दिन किया जा सकता है। इस परियोजना के जरिए समुद्री कारोबार की तस्वीर बदलने के इरादे से बंदरगाह आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 4 लाख करोड़ रुपए का निवेश का भी [[मुंबई]] में हुए मैरीटाइम इंडिया शिखर सम्मेलन के दौरान 140 व्यापारिक करार करके निवेश का एक खाका तैयार किया जा चुका है, जिसमें 140 परियोजनाओं के लिए करीब 13 अरब डालर (83 हज़ार करोड़ रुपए) का निवेश होगा।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{नदी घाटी परियोजनाएँ}}&lt;br /&gt;
[[Category:नदी घाटी परियोजनाएँ]][[Category:भूगोल कोश]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>रिंकू बघेल</name></author>
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