<?xml version="1.0"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="hi">
	<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%87_%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A8_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97_%E0%A4%B8%E0%A4%AC</id>
	<title>लागे सराहन भाग सब - अवतरण इतिहास</title>
	<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%87_%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A8_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97_%E0%A4%B8%E0%A4%AC"/>
	<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%87_%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A8_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97_%E0%A4%B8%E0%A4%AC&amp;action=history"/>
	<updated>2026-07-17T07:16:54Z</updated>
	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
	<generator>MediaWiki 1.41.1</generator>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%87_%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A8_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97_%E0%A4%B8%E0%A4%AC&amp;diff=564427&amp;oldid=prev</id>
		<title>कविता भाटिया: '{{सूचना बक्सा पुस्तक |चित्र=Sri-ramcharitmanas.jpg    |चित्र का नाम=र...' के साथ नया पृष्ठ बनाया</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%87_%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A8_%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97_%E0%A4%B8%E0%A4%AC&amp;diff=564427&amp;oldid=prev"/>
		<updated>2016-07-31T13:06:06Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;{{सूचना बक्सा पुस्तक |चित्र=Sri-ramcharitmanas.jpg    |चित्र का नाम=र...&amp;#039; के साथ नया पृष्ठ बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा पुस्तक&lt;br /&gt;
|चित्र=Sri-ramcharitmanas.jpg   &lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=रामचरितमानस&lt;br /&gt;
|लेखक= &lt;br /&gt;
|कवि= [[तुलसीदास|गोस्वामी तुलसीदास]]&lt;br /&gt;
|मूल_शीर्षक = रामचरितमानस&lt;br /&gt;
|मुख्य पात्र = [[राम]], [[सीता]], [[लक्ष्मण]], [[हनुमान]], [[रावण]] आदि&lt;br /&gt;
|कथानक = &lt;br /&gt;
|अनुवादक =&lt;br /&gt;
|संपादक =&lt;br /&gt;
|प्रकाशक = [[गीता प्रेस गोरखपुर]]&lt;br /&gt;
|प्रकाशन_तिथि = &lt;br /&gt;
|भाषा = &lt;br /&gt;
|देश = &lt;br /&gt;
|विषय = &lt;br /&gt;
|शैली =[[चौपाई]], [[सोरठा]], [[छन्द]] और [[दोहा]]&lt;br /&gt;
|मुखपृष्ठ_रचना = &lt;br /&gt;
|विधा = &lt;br /&gt;
|प्रकार =&lt;br /&gt;
|पृष्ठ = &lt;br /&gt;
|ISBN = &lt;br /&gt;
|भाग =&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=संबंधित लेख&lt;br /&gt;
|पाठ 1=[[दोहावली]], [[कवितावली]], [[गीतावली]], [[विनय पत्रिका]], [[हनुमान चालीसा]]&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=काण्ड&lt;br /&gt;
|पाठ 2=अयोध्या काण्ड&lt;br /&gt;
|शीर्षक 3=सभी (7) काण्ड क्रमश: &lt;br /&gt;
|पाठ 3=[[रामचरितमानस प्रथम सोपान (बालकाण्ड)|बालकाण्ड‎]], [[रामचरितमानस द्वितीय सोपान (अयोध्या काण्ड)|अयोध्या काण्ड]]‎,  [[रामचरितमानस तृतीय सोपान (अरण्यकाण्ड)|अरण्यकाण्ड]], [[रामचरितमानस चतुर्थ सोपान (किष्किंधा काण्ड)|किष्किंधा काण्ड]]‎, [[रामचरितमानस पंचम सोपान (सुंदरकाण्ड)|सुंदरकाण्ड]], [[रामचरितमानस षष्ठ सोपान (लंकाकाण्ड)|लंकाकाण्ड‎]], [[रामचरितमानस सप्तम सोपान (उत्तरकाण्ड)|उत्तरकाण्ड]] &lt;br /&gt;
|भाग =&lt;br /&gt;
|विशेष =&lt;br /&gt;
|टिप्पणियाँ =&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{poemopen}}&lt;br /&gt;
&amp;lt;poem&amp;gt;&lt;br /&gt;
;छंद&lt;br /&gt;
 लागे सराहन भाग सब अनुराग बचन सुनावहीं&lt;br /&gt;
बोलनि मिलनि सिय राम चरन सनेहु लखि सुखु पावहीं॥&lt;br /&gt;
नर नारि निदरहिं नेहु निज सुनि कोल भिल्लनि की गिरा।&lt;br /&gt;
तुलसी कृपा रघुबंसमनि की लोह लै लौका तिरा॥&amp;lt;/poem&amp;gt;&lt;br /&gt;
{{poemclose}}&lt;br /&gt;
;भावार्थ&lt;br /&gt;
सब उनके भाग्य की सराहना करने लगे और प्रेम के वचन सुनाने लगे। उन लोगों के बोलने और मिलने का ढंग तथा श्री सीता-रामजी के चरणों में उनका प्रेम देखकर सब सुख पा रहे हैं। उन कोल-भीलों की वाणी सुनकर सभी नर-नारी अपने प्रेम का निरादर करते हैं (उसे धिक्कार देते हैं)। तुलसीदासजी कहते हैं कि यह रघुवंशमणि श्री रामचन्द्रजी की कृपा है कि लोहा नौका को अपने ऊपर लेकर तैर गया॥&lt;br /&gt;
{{लेख क्रम4| पिछला= जब तें प्रभु पद पदुम निहारे|मुख्य शर्षक=रामचरितमानस |अगला=बिहरहिं बन चहु ओर}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''छंद'''- छंद शब्द 'चद्' धातु से बना है जिसका अर्थ है 'आह्लादित करना', 'खुश करना'। यह आह्लाद वर्ण या मात्रा की नियमित संख्या के विन्यास से उत्पन्न होता है। इस प्रकार, छंद की परिभाषा होगी 'वर्णों या मात्राओं के नियमित संख्या के विन्यास से यदि आह्लाद पैदा हो, तो उसे छंद कहते हैं'। छंद का सर्वप्रथम उल्लेख '[[ऋग्वेद]]' में मिलता है। जिस प्रकार गद्य का नियामक [[व्याकरण]] है, उसी प्रकार पद्य का छंद शास्त्र है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक2 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==  &lt;br /&gt;
पुस्तक- श्रीरामचरितमानस (अयोध्याकाण्ड) |प्रकाशक- गीताप्रेस, गोरखपुर |संकलन- भारत डिस्कवरी पुस्तकालय|पृष्ठ संख्या-285                                               &lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt; &lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{तुलसीदास की रचनाएँ}}{{रामचरितमानस}}&lt;br /&gt;
[[Category:पद्य साहित्य]]&lt;br /&gt;
[[Category:हिन्दू धर्म ग्रंथ]]&lt;br /&gt;
[[Category:तुलसीदास]]&lt;br /&gt;
[[Category:सगुण भक्ति]]&lt;br /&gt;
[[Category:भक्ति साहित्य]]&lt;br /&gt;
[[Category:रामचरितमानस]]&lt;br /&gt;
[[Category:अयोध्या काण्ड]]&lt;br /&gt;
[[Category:साहित्य कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>कविता भाटिया</name></author>
	</entry>
</feed>