संजय

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धृतराष्ट्र को महाभारत की घटनाओं का आँखों देखा हाल बताते हुये संजय
संजय को दिव्यदृष्टि प्रदान करते हुये वेदव्यास जी

संजय की दिव्य दृष्टि


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. महाभारत, उद्योगपर्व, अध्याय 20-32,भीष्म पर्व, अध्याय 2,शल्यपर्व, 25।57, 28।37-41,सौप्तिक पर्व, 9।61-62
  2. यत्र योगेश्वरः कृष्णों यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयोभुतिर्ध्रुवानीति-र्मतिर्मम॥ (गीता
  3. यतः सत्यं यतो धर्मो यतो ह्रीरार्जवं यतः। ततोभवति गोविन्दो यतः कृष्ण्स्ततो जयः॥(महाभारत

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