जब तक उनके भाई जीवित थे, राजीव राजनीति से बाहर ही रहे, लेकिन एक शक्तिशाली राजनीति व्यक्तित्व के धनी संजय की 23 जून, 1980 को एक वायुयान दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी राजीव को राजनीतिक जीवन में ले आईं। जून 1981 में वह लोकसभा उपचुनाव में निर्वाचित हुए और इसी महीने युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बन गए।
राजीव को सौम्य व्यक्ति माना जाता था। जो पार्टी के अन्य नेताओं से विचार-विमर्श करते थे और जल्दबाज़ी में निर्णय नहीं लेते थे। जब 31 अक्टूबर 1984 को उनकी माँ की हत्या हुई, तो राजीव को उसी दिन प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई और उन्हें कुछ दिन बाद कांग्रेस (इं) पार्टी का नेता चुन लिया गया।
दिसम्बर 1984 के आम चुनाव में उन्होंने पार्टी की ज़बरदस्त जीत का नेतृत्व किया और उनके प्रशासन ने सरकारी नौकरशाही में सुधार लाने तथा देश की अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के लिए ज़ोरदार क़दम उठाए। लेकिन पंजाब और कश्मीर में अलगाववादी आन्दोलन को हतोत्साहित करने की राजीव की कोशिश का उल्टा असर हुआ तथा कई वित्तीय साज़िशों में उनकी सरकार के उलझने के बाद उनका नेतृत्व लगातार अप्रभावी होता गया। 1989 में उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया, लेकिन वह कांग्रेस (इं) पार्टी के नेता पद पर बने रहे। आगामी संसदीय चुनाव के लिए तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान एक आत्मघाती महिला के बम विस्फोट में उनकी मृत्यु हो गई। कहा जाता है कि यह महिला तमिल अलगाववादियों से संबद्ध थी।
| दिनांक / वर्ष
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पद
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| 1981
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लोकसभा (सातवीं) के लिए निर्वाचित
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| 1984
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लोकसभा (आठवीं) के लिए पुन: निर्वाचित
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| 19 अक्टूबर, 1984 से 2 दिसम्बर, 1984 तक
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प्रधानमंत्री एवं अन्य सभी मंत्रालय विभाग जो कि अन्य किसी मंत्री को आंवटित किए गए।
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| 31 दिसम्बर, 1984 से 14 जनवरी, 1985
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वाणिज्य और आपूर्ति, विदेश, उद्योग व कम्पनी मामले, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, इलैक्ट्रानिक्स, महासागर,
विकास, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार, युवा मामले एवं खेल, संस्कृति, पर्यटन एवं नागर विमानन मंत्रालय का भी पदभार सम्भाला।
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| 31 दिसम्बर, 1984 से 20 अक्टूबर, 1986
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पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के भी प्रभारी।
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| 25 दिसम्बर, 1985 से 24 जनवरी, 1987
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रक्षा मंत्रालय के भी प्रभारी।
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| 4 जून, 1986 से 24 जून, 1986
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परिवहन मंत्रालय के भी प्रभारी।
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| 24 जनवरी, 1987 से 25 जुलाई, 1987
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वित्त मंत्रालय के भी प्रभारी।
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| 4 मई, 1987 से 25 जुलाई, 1987
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कार्याक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के भी प्रभारी।
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| 15 जुलाई, 1987 से 28 जुलाई, 1987
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पर्यटन मंत्रालय के भी प्रभारी।
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| 25 जुलाई, 1987 से 26 जून, 1988
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विदेश मंत्रालय का भी कार्यभार सम्भाला।
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| 22 अगस्त, 1987 से 10 नवम्बर, 1987
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जल संसाधन मंत्रालय का कार्यभार भी सम्भाला।
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| मई, 1989 से जुलाई, 1989
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संचार मंत्रालय का भी कार्यभार सम्भाला।
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| 1989
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लोक सभा (नौवीं) के लिए तीसरी बार निर्वाचित।
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| 18 दिसम्बर, 1989 से 24 दिसम्बर, 1990
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लोक सभा (नौवीं) में विपक्ष के नेता।
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| 24 जनवरी, 1990
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सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति।
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| 1991
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लोक सभा (दसवीं) के लिए चौथी बार निर्वाचित।
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