बंसीधर

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
यहां जाएं: भ्रमण, खोज
गणराज्य कला पर्यटन दर्शन इतिहास धर्म साहित्य सम्पादकीय सभी विषय ▼

अरुन हरौल नभ मंडल मुलुक पर
चढयो अक्क चक्कवै कि तानि कै किरिनकोर।
आवत ही साँवत नछत्रा जोय धाय धाय,
घोर घमासान करि काम आए ठौर ठौर
ससहर सेत भयो, सटक्यो सहमि ससी,
आमिल उलूक जाय गिरे कंदरन ओर।
दुंद देखि अरविंद बंदीखाने तें भगाने,
पायक पुलिंद वै मलिंद मकरंद चोर


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

सम्बंधित लेख


ऊपर जायें

प्रमुख विषय सूची

गणराज्य कला पर्यटन जीवनी खेल दर्शन संस्कृति
इतिहास भाषा साहित्य विज्ञान कोश धर्म भूगोल
सम्पादकीय फ़ेसबुक पर भारतकोश (नई शुरुआत)
सुझाव दें फ़ेसबुक पर शेयर करें    ट्वीट करें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

अं
क्ष त्र ज्ञ श्र अः


Book-icon.png संदर्भ ग्रंथ सूची


निजी टूल
नामस्थान
संस्करण
क्रियाएं
सुस्वागतम्
संक्षिप्त सूचियाँ
सहायता
सहायक उपकरण